Jan 8, 2018
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English बोलने के 5 महत्वपूर्ण नियम आपको जानना चाहिए!

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जो लोग english भाषा को सीख रहें हैं, उन्हें कम से कम ये “5 बोलने वाले नियम” जरुर जानना चाहिए .  यह नियम कई छात्रों / लोगों  के लिए अजीब सा लग सकता है, लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है।

1.Don’t study grammar too much

यदि आप english का exam उत्तीर्ण करना चाहते हैं, तो grammar का अध्ययन करें। हालांकि, अगर आप English में धाराप्रवाह बनना चाहते हैं, तो आपको grammar (व्याकरण)  का अध्ययन किए बिना English सीखने की कोशिश करनी चाहिए। grammar (व्याकरण)  का अध्ययन केवल आपको धीमा कर देगा और आपको भ्रमित करेगा।

आप कई बार सिर्फ एक वाक्य कहने से पहले हिंदी से english के रूपांतरण के बारे में सोचेंगे । याद रखें कि English बोलने वालों को भी grammar (व्याकरण) की जानकारी 20% से अधिक नहीं होती है । कई छात्रों एवं लोगों  को एक english के teacher से अधिक  grammar (व्याकरण)  पता है, फिर भी उनकी कमजोरी होती है कि वे धाराप्रवाह english नहीं बोल पाते हैं । मैं आत्मविश्वास से अनुभव के साथ यह कह सकता हूँ। मैं एक भारतीय हूँ , हिंदी मेरे रग रग में है , फिर भी मुझे हिंदी के व्याकरण की जानकारी न के बराबर है .

मैं अक्सर अपने  उन दोस्तों से English के  कुछ grammar (व्याकरण) के  प्रश्न पूछता हूं, जो बचपन से ही english medium से अपनी पढाई किये हुए हैं , परन्तु मैं पाता हूँ कि वे भी सही उत्तर देने में असमर्थ होते हैं , इसके बावजूद वे अच्छी english बोल सकते हैं, सुन सकते हैं और संवाद कर सकते हैं।

2.Phrases (वाक्यांशों) को जानें और अध्ययन करें:-

कई छात्र vocabulary (शब्दावली) सीखते हैं और एक उचित वाक्य बनाने के लिए कई शब्द एकत्र करने का प्रयास करते हैं। यह बड़े ही  आश्चर्यचकित कि बात है कि इन  छात्रों को न जाने  कितने शब्द पता हैं, लेकिन वे उचित वाक्य नहीं बना सकते हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने phrases (phrases (वाक्यांशों)) का अध्ययन नहीं किया। जब कोई छोटा बच्चा किसी  एक भाषा को सीखते है , तो वह  दोनों शब्दों और phrases (वाक्यांशों) को एक साथ सीखता है . इसी तरह, आपको phrases (वाक्यांशों) को पढ़ना और सीखना होगा। यदि आप 1000 शब्द जानते हैं, तो आप शायद एक सही वाक्य नहीं कह सकते। लेकिन अगर आप 1 वाक्यांश जानते हैं, तो आप सैकड़ों सही वाक्य बना सकते हैं।

यदि आप 100 phrases (वाक्यांशों) को जानते हैं, तो आपको आश्चर्य होगा कि आप कितने सही वाक्यों को कह सकते हैं। अंत में, जब आप केवल एक 1000 वाक्यांश जानते हैं, तो आप लगभग एक धाराप्रवाह इंग्लिश स्पीकर होंगे। कई अलग-अलग शब्दों को सीखने में घंटे और समय बिताएं , इसके बजाय phrases (वाक्यांशों) का अध्ययन करने के लिए उस समय का उपयोग करें . ऐसा करने से  आप English को अधिक प्रभावशाली तरीके से बोल पाएंगे .

अनुवाद न करें

जब आप एक English वाक्य बनाना चाहते हैं, तो अपनी मातृभाषा से शब्दों का अनुवाद नहीं करें। मुझे पता है , इसमें आपको काफी कठिनाई आ सकती है , लेकिन ऐसा करना ही उचित होगा . यदि आप अपनी मात्रभाषा से english में translate करने कि कोशिश करेंगे तो आपको ज्यादा सोचना एवं ज्यादा समय देना होगा , और कंही ऐसा न हो कि किसी ने आपसे english में कुछ पूछा और आप उसका जवाब दें इसके पहले वह चले जाये …अतः अनुवाद करना बंद करें और यह धीरे – धीरे ही संभव है अनुवाद के साथ एक अन्य समस्या यह है कि आप सीखे गए grammar (व्याकरण)  के नियमों को शामिल करने का प्रयास करेंगे। English वाक्यों को बनाने के लिए grammar (व्याकरण)  के बारे में अनुवाद करना और सोचना गलत है और इसे टाल दे जाना चाहिए।

3.पढ़ना और सुनना पर्याप्त नहीं है, सुनने का अभ्यास भी करें!

आपको तो यह भलिभांति मालूम है कि एक बच्चा सबसे पहले सुनने का कार्य कर्ता है , वह शुरुवात के कम से कम एक साल तक तो सिर्फ अपने परिवार के लोगों को सुनता है , फिर धीरे – धीरे गलत – सही बोलना चालू करता है , धीरे धीरे वह अपने अन्दर एक confidence पैदा करता है , बहुत सारे वाक्य बोलना सीख जाता है . एक तीन साल का बच्चा जो अपनी मात्रभाषा को अच्छी तरह से बोल तो पाता है , पर शायद वह उसे पढ़ नहीं पाता , उसे तो grammar का भी बिल्कुल ज्ञान नहीं होता है .

grammar कि जानकारी तो उसे school जाने के उपरान्त ही होता है , ठीक उसी तरह आप को भी सबसे पहले सुनने की आदत बनानी होगी , ज्यादा से ज्यादा english को सुने . धीरे – धीरे उसे समझें और फिर कंठस्त करें और बोलना शुरू करें . याद रहे कोई भी भाषा को सिखने में कम से कम दो से तीन साल का समय तो कम से कम लगता ही है  .

बहुत से लोगों कि समस्या यह होती है कि उन्हें सब कुछ पता होता है कि क्या बोलना है , परन्तु डर के कारण वह बोल नहीं पातें हैं , मैं ऐसे लोगों से सिर्फ इतना कहूँगा कि आपका डर सिर्फ व् सिर्फ practice करके ही भगाया जा सकता है , जितना हो सके उतना english जोर – जोर से बोले ….जोर – जोर से बोलने से डर भागता है और यही वजह है जब इंसान किसी से डरता है तो वह जोर – जोर से चिल्लाता है ….

4. English का माहोल बनायें

दुनिया कि किसी भी भाषा को कम से कम बोलने के लिए , education की जरुरत नहीं होती है , हाँ उसे पढने और लिखने कि बात अलग है लेकिन यदि सिर्फ बोलने कि बात कि जाए तो आप किसी भी भाषा को बोल सकते हैं – इसके लिए आप कितने बुध्हिमान हैं या नहीं है , कोई फर्क नहीं पड़ता . यह दुनिया में यह सिद्ध  है कि हर कोई कम से कम एक भाषा को तो बोल ही  सकता है,  चाहे वह  बुद्धिमान हों या कुछ मस्तिष्क की शक्ति की कमी हो, और यह आप पर भी लागू होता है . कम से कम आप एक भाषा को  बोलने में तो  सक्षम हैं ही ।किसी भी भाषा को बोलने के लिए आपको उस भाषा के आसपास होने के जरुरत होती है , मान लीजिये आप हिंदी अच्छी खासी बोल लेते हैं और अब आप नौकरी करने के लिए किसी ईसाई के यंहा जाते हैं और उनके वातावरण में रहते हैं तो आप भी धीरे – धीरे english बोलना सिखने लगते हैं . और वन्ही कुछ  ऐसे भी  लोग हैं जो विदेशों में अध्ययन करते तो हैं परन्तु  बहुत कम english सीख पाते हैं। इसका कारण यह है कि वे एक English बोलने वाले विद्यालय गए, लेकिन अपने ही देश के दोस्त पाए और उन्होंने English का अभ्यास न किया , उन्होंने english का माहोल नहीं बनाया या english के वातावरण में नहीं रहें । english सीखना maths जैसा नहीं है कि जिसके लिए आपको फार्मूले सिखने होंगे . आपको  एक धाराप्रवाह English स्पीकर बनने के लिए कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। आपको केवल English के साथ खुद को घेरना होगा ,आप अपने मौजूदा दोस्तों के साथ नियम बनाकर ऐसा कर सकते हैं .  केवल English ही बोलेंगे ,और  लगातार English वाक्यों को सुनेंगे – ऐसा पर्ण करें . आप अपने परिवेश को बदलकर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

5. सही सामग्री को अपनाये

ऐसा कई बार होता है कि वाक्य गलत बोल दिए जाते हैं , ऐसी गलतियों को आप प्रैक्टिस करके ही सुधार सकते हैं । यह सच है , आप निरंतर practice से अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं लेकिन उसके लिए आपके सही सामग्री होनी चाहिए . आपके ऐसा कुछ होना चाहिए जो आपकी गलतियों को सुधार सके . वह कोई किताब , कोई ट्रेनर , आपका अपना English teacher हो सकता है .  यदि आपको सही गाइड सही सामग्री नहीं मिल पाती है , या आप इन चीजों से वंचित हैं तो आप अपनी गलतियों को सिर्फ व् सिर्फ दुहराते रहेंगे  ” यह सच से बहुत दूर है। प्रैक्टिस केवल यही करता है जो आप स्थायी का अभ्यास कर रहे हैं यदि आप गलत वाक्य का अभ्यास करते हैं, तो आपको वाकई वाक्य गलत तरीके से कहकर सिद्ध होगा। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप सामग्री का अध्ययन करते हैं जो आमतौर पर ज्यादातर लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है . संक्षेप में, English सामग्री का अध्ययन करें जिस पर  आप भरोसा कर सकते हो , और जिसका  इस्तेमाल आमतौर पर किया जाता है, और जो  सही है। सारांश ये नियम हैं जो आप English बोलने के अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त करने में मदद करेंगे।

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