Jan 5, 2018
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चाणक्य के 25 सर्वश्रेष्ठ सुविचार, जो आपको हमेशा याद रहना चाहिए

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अर्थशास्त्र और नीतिशाश्त्र के महान विद्यवान चाणक्य को भारत वर्ष के लोग अपना गुरु मानते है , इसलिए नहीं कि वे ब्राह्मण थे बल्कि इसलिए कि उनके द्वारा कही गयी अथवा लिखे गए  अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंन्थ सत प्रतिशत सत्य पाया जा रहा है .

ऐसा माना जाता है कि चाणक्य का जन्म ईसापूर्व से 350 साल पहले तक्षशिला में  हुआ था. चूँकि इसका कोई प्रमाण नहीं है , यह अनुमानित है . चाणक्य चन्द्रगुप्त के कार्यकाल में राज्य  के महामंत्री थे. अपने सुझबुझ से ही  इन्होने नंदवंश का विनाश किया और चन्द्रगुप्त मौर्य को वंहा का  राजा बनाया.  मौर्य साम्राज्य की स्थापना एवं विस्तार में इनका परम योगदान था .

चाणक्य के द्वारा कहे गए कुछ विचार जो हमेशा आपको प्रेरणा प्रदान करेंगे , ऐसे ही कुछ विचार आपके लिए निचे दिए गएँ हैं, उम्मीद है कि आपको यह लेख जरुर पसंद आएगी .

 

चाणक्य के अनमोल विचार

 1: मुर्ख लोगो से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से हम अपना ही समय नष्ट करते है.
 2: आलसी मनुष्य का वर्तमान और भविष्य नही होता.
 3: डर को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आ जाय तो इस पर हमला कर दो.
 4: भगवान मूर्तियो मे नही बसता बल्कि आपकी अनुभूति ही आपका ईश्वर है और आत्मा आपका मंदिर.
 5: भाग्य उनका साथ देता है जो कठिन परिस्थितयो का सामना करके भी अपने लक्ष्य के प्रति ढृढ रहते है.

 6: मनुष्य स्वयं ही अपने कर्मो के दवारा जीवन मे दुःख को बुलाता है.
 7: जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे.
 8: दूसरो की गलतियो से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने पर तुम्हारी आयु कम पड़ जायेंगी.
 9: कभी भी अपनी कमजोरी को खुद उजागर न करो.
 10: कोई भी व्यक्ति ऊँचे स्थान पर बैठकर ऊँचा नहीं हो जाता बल्कि हमेशा अपने गुणों से ऊँचा होता है.
 11: बुद्धि से पैसा कमाया जा सकता है परन्तु पैसे से बुद्धि नहीं.
 12: दण्ड का डर नहीं होने से लोग गलत कार्य करने लग जाते है.
 13: बहुत से गुणो के होने के बाद भी सिर्फ एक दोष सब कुछ नष्ट कर सकता है.
 14: अगर कुबेर भी अपनी आय से ज्यादा खर्च करने लगे तो वह भी कंगाल हो जायेगा.
 15: दुश्मन द्वारा अगर मधुर व्यवहार किया जाये तो उसे दोष मुक्त नही समझना चाहिए.
 16: किसी भी अवस्था में सबसे पहले माँ को भोजन कराना चाहियें.
 17: सभी प्रकार के डरो में सबसे बड़ा डर बदनामी का होता है.
 18: बुद्धिमान व्यक्ति का कोई दुश्मन नहीं होता.
 19: जो व्यक्ति शक्ति न होने पर मन में हार नहीं मानता उसे संसार की कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती.
 20: कोई जंगल जैसे एक सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है,  उसी तरह एक गुणवान पुत्र से सारे कुल का नाम बढता है.
 21: कोई भी शिक्षक कभी साधारण नही होता,  प्रलय और निर्माण उसकी गोद मे पलते है.
 22: खुद का अपमान करा के जीने से तो अच्छा है मर जाना .  क्योकि प्राणों को त्यागने से एक ही बार कष्ट होता है पर अपमानित होकर जिंदा रहने से बार-बार कष्ट होता है.
 23: आपसे दूर रह कर भी दूर नही है और वही जो आपके मन मे नही है वह आपके नजदीक रहकर भी दूर है.
 24: सतुंलित दिमाग जैसी कोई सादगी नही,संतोष जैसा कोई सुख नही,लोभ जैसी कोई बीमारी नही और दया जैसा कोई पुण्य नही है.
 25: एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन उसी तरह होता है जैसे की किसी कुत्ते की पूछ जो न ही उसके पीछे का भाग ढकती है और न ही उसे कीड़ो से बचाती है.
Thanks,

 

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